नाम जयराम रमेश काम रावण का
नाम जयराम रमेश काम रावण का *************** गीताप्रेस गोरखपुर जैसी राष्ट्र,सनातन और समाज हेतु कृतसंकल्पित संस्था(प्रेस) जिनके लिये केवल नरसेवा नारायण सेवा ही सबकुछ है ,,,,,जिन्होंने वर्तमान महँगे युग मे भी जिसमे छपाई की राशि भी उन्हें नही मिल पाती ऐसे में भी न्यूनतम राशि मे समाज को सनातनी साहित्य ही नही अपितु मानवोपकार और समाज उत्थान के अनेकानेक साहित्य उपलब्ध कराए है और कराते है के विषय में गीताप्रेस को "गांधी शांति सम्मान" मिलने पर जयराम नरेश नामक दुर्बुद्धि द्वारा इसे गोडसे और सावरकर का सम्मान कहना न केवल गीताप्रेस का अपमान है अपितु सकल सनातन समाज,हिन्दू समाज और प्रत्येक वह व्यक्ति जो आज गीताप्रेस के संस्कारों से पल्लवित हुआ है और अगली पीढ़ी में इसे हस्तांतरित कर पा रहा है का अपमान है | मैं स्वयं गीताप्रेस के "कल्याण" अंक का नियमित पाठक हूँ | मेरा सुपुत्र आरव जब रात्रि में मुझे कहानी सुनाने कहता है तो इन्ही अंकों के श्रेष्ठ कहानियाँ और सत्यकथा उसे सुनाकर मैं उसे संस्कार जल से सींचने का कार्य करता हूं मैं ही नही करोड़ो मानवों के घर पू...