सच्चे विश्वास का प्रभाव

गांव के बाहर एक किरानाडूकान था  दुकानदार का सव्वभाव इतना अच्छा था कि गांव के सभी लोग उस दुकान से माल खरीदना पसन्द करते थे दुकानदार प्रभु भक्त था जब वह रात को चौक में गाता तो बांकी लोग आकर सुनते व इसके साथ स्वयं गाते थे गांवव्वालो और दुकानदार का एक दूजे पर प्रबल विश्वास था |दोपहर को जब दुकानदार भोजन करने जाता तो जो गांवाले पास रहता उसे ही शॉप सम्हालने कह देता |एकदिन एक डाकू दुकान में दोपहर को आया |दुकानदार ने उसे दुकान सौंपकर घर चला गया |डाकू टोली का एक दूसरा सदस्य दुकान आया और दुकान में बैठे डाकू से कहा अच्छा मौका मिला है चलो हाथ मारते है एक बार मे बेड़ापार हो जाएगा |इसपर डाकू ने तुम जाओ यहां ड् वरना हम सबका सर्वनाश हो जाएगा |जब दुकानदार आया तो डाकू ने दुकान उसे देते हुए पैसे और समान देख लेने की बात कही कही कोई हेरफेर तो नही  कहा |दुकानदार ने कहा मैंने आपको दुकान  सौप दिया था विश्वास के साथ अब देखने की बात ही नही |डाकू का हृदय भर आया उसने दुकानदार को प्रणाम कर अपना परिचय दिया एक डाकू का हृदय परिवर्तन करने वाले थे संत तुकाराम

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