चूहे बिल्ली वाले खेल
पंजाब परिदृश्य पर
शेर के भी दाँत गिन सकते है जो कि बन्धु
बिल्ली की वो म्याऊँ से कहो भला डरेंगे क्या
छप्पन भोगों के स्वाद भाते जिसको कभी वो
घोड़े की तरह बोलो घास को चरेंगे क्या
बात यह कोई समझाए मुझे इतनी सी
अमृत को पीकर कभी कोई मरेंगे क्या
चंद्र-अंतरिक्ष नाप चुके हो जो कदमों से
चूहे बिल्ली वाले खेल गुंडे से करेंगे क्या ||
सुनिल शर्मा नील
छत्तीसगढ़
8839740208